
अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सियासत लगातार गर्माती जा रही है। इस विवाद में अब ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान ने नया मोड़ ला दिया है। एटा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर में शिला पूजन के समय से ही अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण शुरू होने के दौरान जमीनों की खरीद-फरोख्त और प्लॉटों की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर भी सवाल उठे थे।
मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर कटाक्ष करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनके कार्यकाल में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि चढ़ावे से जुड़े मामले में धन बरामद होने और कुछ लोगों की गिरफ्तारी की चर्चाएं सामने आ रही हैं, इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं राम मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार भी मामले की जानकारी लेने अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा हो, तब पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के आरोप सामने आए हैं, उनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और इसके लिए जांच आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की कथित चोरी का आरोप लगाया था।
इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अब तक किसी प्रकार की चोरी या वित्तीय गड़बड़ी का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से रिपोर्ट तलब की है। दूसरी ओर, खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने भी चढ़ावे के प्रबंधन और रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट सदस्यों के साथ बैठक कर चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा की समीक्षा की। वहीं अयोध्या के संत महंत कमल नयन दास ने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के मंदिर ट्रस्ट को कटघरे में खड़ा करना भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।








