
भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को भाजपा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) जारी कर दिए। इसके साथ ही इन तीनों सीटों पर भाजपा की जीत औपचारिक रूप से तय हो गई है। राजनीतिक समीकरणों के चलते पहले से ही इन सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही थी, हालांकि अंतिम औपचारिकता निर्वाचन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पूरी हुई।
इस पूरे मामले के बीच कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया और नामांकन निरस्तीकरण को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई थी। कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। पार्टी का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा लिया गया फैसला गैरकानूनी, मनमाना और पक्षपातपूर्ण था। कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए निर्वाचन आयोग और अदालत का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस के एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की, हालांकि आयोग की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई हुई, जहां कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने त्वरित सुनवाई की मांग की। उन्होंने दलील दी कि नाम वापस लेने की अंतिम समय सीमा नजदीक है, इसलिए मामले पर तत्काल निर्णय जरूरी है। दूसरी ओर चुनाव आयोग ने अदालत में कहा कि उन्हें याचिका की प्रति अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए उन्हें जवाब देने के लिए समय चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कानून पहले से स्पष्ट है, इसलिए विस्तृत सुनवाई बाद में होगी। सुनवाई टलने के बाद कांग्रेस ने मांग की कि जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएं।
कांग्रेस ने देर रात ऑनलाइन याचिका दाखिल कर मांग की कि नामांकन निरस्तीकरण के फैसले को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक भी जारी है। हालांकि कानूनी और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की स्थिति अब निर्णायक रूप से मजबूत हो गई है।








