
रोवर तकनीक से भूमि पैमाइश का सफल प्रदर्शन, राजस्व राज्यमंत्री ने सराहा आधुनिक तकनीक का उपयोग
लखनऊ, 3 अगस्त 2026। तहसील मोहनलालगंज, जनपद लखनऊ के करौरा गांव में सोमवार को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-24 के अंतर्गत भूमि पैमाइश की प्रक्रिया का आधुनिक GNSS रोवर तकनीक के माध्यम से सफल प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर राजस्व परिषद के अधिकारी राजेश रंजन, आईएएस तथा राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह डिलेर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान तहसील मोहनलालगंज की राजस्व टीम ने एक ही भूमि की पैमाइश आधुनिक GNSS रोवर मशीन तथा पारंपरिक जरीब (चेन) पद्धति से की। दोनों विधियों से प्राप्त परिणामों का मौके पर मिलान एवं सत्यापन किया गया, जिसमें भूमि की सीमाएं दोनों तरीकों से समान पाई गईं। इससे रोवर तकनीक की सटीकता और विश्वसनीयता प्रमाणित हुई।
राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह डिलेर ने स्वयं पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा आधुनिक तकनीक की शुद्धता, पारदर्शिता और उपयोगिता की सराहना की। उन्होंने इसे राजस्व प्रशासन के लिए एक प्रभावी और क्रांतिकारी पहल बताया।
उन्होंने कहा कि “रोवर तकनीक के माध्यम से भूमि पैमाइश की प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। यह तकनीकी नवाचार आमजन और राजस्व प्रशासन के बीच विश्वास को और मजबूत करेगा।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्व सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। वर्षों पुरानी प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से सरल बनाया जा रहा है, जिससे नागरिकों को तेज, निष्पक्ष और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें।
राजस्व राज्य मंत्री ने राजस्व परिषद, जिला प्रशासन तथा तहसील मोहनलालगंज की राजस्व टीम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि धारा-24 के अंतर्गत रोवर तकनीक का व्यापक उपयोग भूमि सीमांकन संबंधी विवादों को कम करेगा, प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह, तहसीलदार ऋतुराज शुक्ल, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने भी आधुनिक तकनीक से की गई भूमि पैमाइश की सराहना की।
यह पहल सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का एक सशक्त उदाहरण है।








