
अक्षरधाम में ‘केशव काव्य कलरव-2026’ का आयोजन, साहित्य और अध्यात्म का हुआ संगम
नई दिल्ली, 5 जुलाई। स्वामिनारायण अक्षरधाम, नई दिल्ली में रविवार को बीएपीएस स्वामिनारायण शोध संस्थान द्वारा राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन ‘केशव काव्य कलरव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषाओं में मौलिक कविताएं, मुक्तक और गजलें आमंत्रित की गई थीं। ‘गुरु’, ‘भगवान’, ‘आत्मविचार’, ‘सांख्य विचार’ और ‘अक्षय आनंद’ जैसे आध्यात्मिक विषयों पर आधारित श्रेष्ठ रचनाओं का चयन कर रचनाकारों को अक्षरधाम परिसर में प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बीएपीएस स्वामिनारायण शोध संस्थान के सह-निदेशक डॉ. ज्ञानानंददास स्वामी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने साहित्य को आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन का प्रभावी माध्यम बताते हुए इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मेलन में माननीय न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी, प्रो. शिव शंकर मिश्रा, प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा, अमर उजाला के संपादक उदय कुमार, नवभारत टाइम्स के संपादक आशीष पांडेय, दूरदर्शन के एंकर एवं संस्कृत वार्तावली के मुख्य संपादक डॉ. नारायण दत्त मिश्र, द डेली पायनियर के चेयरमैन प्रशांत तिवारी, प्रो. प्रेम शंकर शर्मा, आईआईटी कानपुर से स्नातक एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित शुभम सिंह, मदरलैंड वॉयस के मुख्य संपादक संजय उपाध्याय तथा हेमंत केशव शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान आमंत्रित कवियों ने गुरु-महिमा, ईश्वरीय अनुकंपा, गुरु-प्रेम, अक्षरधाम की दिव्यता और गुरु-कृपा जैसे विषयों पर भावपूर्ण एवं विचारोत्तेजक काव्य प्रस्तुतियां दीं। अतिथियों ने अपने संबोधन में काव्य को भक्ति और संस्कृति की सशक्त अभिव्यक्ति बताते हुए ऐसे आयोजनों को भारतीय साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के समापन पर चयनित एवं पुरस्कृत रचनाकारों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।









