
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास बहुमत है, तो UCC को संसद में लाकर पूरे देश में लागू करने की कोशिश करनी चाहिए, न कि अलग-अलग राज्यों के जरिए इसे लागू किया जाए।
अब्दुल्ला ने कहा कि यदि UCC केवल बीजेपी शासित राज्यों में लागू होता है, तो इसे ‘यूनिवर्सल’ यानी सभी के लिए समान नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं, जहां बीजेपी की सरकार नहीं है।
उन्होंने NDA के भीतर मतभेदों का भी मुद्दा उठाया। अब्दुल्ला के मुताबिक, रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जनता दल (यूनाइटेड) ने बिहार में UCC लागू नहीं करने की बात कही है। उन्होंने सवाल किया कि जब गठबंधन के कुछ सहयोगी ही इसके पक्ष में नहीं हैं, तो इसे पूरे देश में लागू करने की बात कैसे की जा सकती है?
अब्दुल्ला ने कहा कि UCC जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला अलग-अलग राज्यों के बजाय संसद में होना चाहिए। उन्होंने सरकार से इसे संसद में पेश करने की चुनौती देते हुए कहा कि कानून संसद में लाया जाए और देखा जाए कि सरकार इसे पारित करा पाती है या नहीं।
उन्होंने ‘एक देश, एक चुनाव’ और आरक्षण जैसे मुद्दों का उदाहरण देते हुए भी केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि बड़े विधायी मामलों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।








