
प्रयागराज। संगमनगरी प्रयागराज में आयोजित हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं और नए चैंबरों की चाबियां अधिवक्ताओं को सौंपीं। इस दौरान उन्होंने विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अधिवक्ता समुदाय में उत्साह देखने को मिला।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के ऐतिहासिक और बौद्धिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज ने हमेशा देश को नई दिशा देने का काम किया है। यह शहर केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि शिक्षा, न्याय और लोकतांत्रिक चेतना के क्षेत्र में भी इसकी विशिष्ट पहचान रही है।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में न्यायपालिका और अधिवक्ताओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी अधिवक्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जैसे प्रबुद्ध अधिवक्ताओं ने देश को स्वतंत्रता दिलाने और संविधान निर्माण की दिशा में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता केवल अदालत में अपने पक्षकार की पैरवी नहीं करता, बल्कि वह समाज में न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में कई बुनियादी समस्याएं थीं और पुलिस विभाग तक के पास आवश्यक संसाधनों का अभाव था। उनकी सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में करीब 60 हजार पुलिसकर्मियों की एक साथ ट्रेनिंग कराई जा रही है, जिससे पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जिला जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य जेलों से संबंधित न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाना है। तकनीक के इस्तेमाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रयागराज में निर्माणाधीन नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान प्रदेश में विधि शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। साइबर क्राइम जैसी नई चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए कानून के क्षेत्र में विशेषज्ञता और आधुनिक प्रशिक्षण जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समय पर न्याय दिलाने की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अधिवक्ताओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सरकार, न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
समारोह में नए चैंबरों की चाबियां सौंपे जाने और विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा को अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अधिवक्ता समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह ने प्रयागराज की न्यायिक विरासत, अधिवक्ताओं की भूमिका और प्रदेश में न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की सरकार की कोशिशों को एक साथ रेखांकित किया।





