
नई दिल्ली। दिल्ली में सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई कथित विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, 21 से अधिक छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों के साथ समाजवादी पार्टी के सांसद भी शामिल हुए थे। पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने की खबरें सामने आईं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसलिए नहीं ले रही क्योंकि उसे डर है कि इस्तीफा देने के बाद कई दबे हुए राज सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा, “अगर इस्तीफा दे दिया गया तो कई ऐसी बातें सामने आ सकती हैं जिन्हें सरकार छिपाना चाहती है।”
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि दूर-दराज से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पहुंचे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सिविल ड्रेस में भी प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाते दिखाई दिए, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी हों तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।







