
खरीफ सीजन के लिए उर्वरक आपूर्ति की कृषि मंत्री ने की समीक्षा
किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी
लखनऊ । कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विधान भवन स्थित समिति कक्ष संख्या-44 (ख) में समीक्षा बैठक की। बैठक में सहकारिता मंत्री, कृषि राज्य मंत्री, उर्वरक निर्माता एवं आपूर्तिकर्ता संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री ने उर्वरक कंपनियों को निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा आवंटित उर्वरकों की शत-प्रतिशत आपूर्ति जुलाई माह के शेष दिनों में ही सुनिश्चित की जाए, ताकि धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध
20 जुलाई 2026 तक प्रदेश में उपलब्ध उर्वरकों का विवरण इस प्रकार है—
- यूरिया: 15.98 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी: 5.02 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके: 4.93 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी: 3.63 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी: 1.11 लाख मीट्रिक टन
सहकारी एवं निजी क्षेत्र के सभी बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 27,232 मीट्रिक टन यूरिया, 6,261 मीट्रिक टन डीएपी तथा 1,851 मीट्रिक टन एनपीके की खपत हो रही है।
किसानों से अपील
राज्य सरकार ने किसानों से अपनी कृषि भूमि अथवा बैनामे के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री कराने का आग्रह किया है, ताकि उन्हें फसल की आवश्यकता के अनुसार समय पर उर्वरक मिल सके। साथ ही किसानों से अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न करने की अपील भी की गई है, जिससे सभी किसानों को समान रूप से उर्वरक उपलब्ध हो सके।
कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस
राज्य सरकार ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवररेटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए 1 अप्रैल 2026 से 21 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में—
- 7,364 छापेमारी की,
- 136 लाइसेंस निलंबित किए,
- 35 लाइसेंस निरस्त किए,
- 694 कारण बताओ नोटिस जारी किए,
- 19 दुकानों को सील किया,
- 30 एफआईआर दर्ज कराई,
- तथा 266.60 मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक सील या जब्त किया।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, आयुक्त सहकारिता योगेश कुमार, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक (उर्वरक) हरेंद्र मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









