
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक समेत विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान देशभर से पहुंचे छात्रों, युवाओं और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जो शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली लौटे। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वे सीधे जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनकी मां को उनके भारत लौटने पर गिरफ्तारी का डर था। दीपके ने कहा, “मेरी मां तब भी इतनी नहीं रोई थीं जब मैं अमेरिका गया था, जितना मेरे भारत लौटने पर रोईं। उन्हें डर था कि मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यही डर आज देश की उन तमाम माताओं को भी सताता है, जिनके बच्चे सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं।”
अपने संबोधन में दीपके ने परीक्षा घोटालों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ न्याय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि 13 जून को जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद थे। इसके अलावा कई अभिभावक और बुजुर्ग भी अपने बच्चों के साथ आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि प्रदर्शन के समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव की स्थिति बन सकती है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया।
वहीं दूसरी ओर, महाराष्ट्र के पुणे में अभिजीत दीपके के घर के बाहर भी पुलिस की तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, सुबह से ही उनके आवास के बाहर बैरिकेडिंग की गई थी और पुलिस की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद थीं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उस समय दीपके के माता-पिता घर पर मौजूद थे या नहीं। इससे पहले उनके माता-पिता मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर चुके हैं। CJP का यह प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आगामी 13 जून को प्रस्तावित प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी हैं।







