Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

सरकार बनने पर तीन महीने के अंदर कराएंगे जाति आधारित जनगणना : अखिलेश

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by

सरकार बनने पर तीन महीने के अंदर कराएंगे जाति आधारित जनगणना : अखिलेश

मैनपुरी (उत्तर प्रदेश), 21 दिसंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में पार्टी की सरकार बनने पर तीन महीने के अंदर जाति आधारित जनगणना कराकर आबादी के हिसाब से सभी को हक और सम्मान दिया जाएगा।

अखिलेश ने सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को ‘भाजपा के प्रकोष्ठ’ करार दिया और यह भी दावा किया कि सपा को मिल रहे जनसमर्थन से घबराई भाजपा ने उसके मुकाबले अपने छह रथ मैदान में उतार दिए हैं, लेकिन वे सपा के रथ को टक्कर नहीं दे पा रहे हैं।

Advertisement Box

सपा अध्यक्ष ने यहां ‘समाजवादी विजय रथ यात्रा’ के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “हम और आप पर आरोप लगता है कि हम किसी का हक छीन रहे हैं, लेकिन जातीय जनगणना से सब कुछ साफ हो जाएगा। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर तीन महीने के अंदर जातीय जनगणना की जाएगी और आबादी के हिसाब से सभी को हक और सम्मान दिया जाएगा। जनता जानती है कि हमने जो भी वादे किए उन्हें पूरा किया है।

अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा, “जैसे ही हमने उनकी पार्टी को साथ लिया, तो दिल्ली से भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ, सीबीआई प्रकोष्ठ और ईडी प्रकोष्ठ सक्रिय हो गए। अब जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा और भाजपा को हार का डर सताएगा तब यह दिल्ली वाले उत्तर प्रदेश में और भी ज्यादा आएंगे।

अखिलेश का इशारा पिछले दिनों अपने कुछ करीबी सहयोगियों के यहां आयकर विभाग के छापों की तरफ था।

उन्होंने भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश के छह स्थानों से जन विश्वास यात्रा शुरू किए जाने पर तंज करते हुए कहा, “जनता ने जब से सपा की रथ यात्रा को जोरदार समर्थन देना शुरू किया है तब से भाजपा को घबराहट होने लगी है। उसी का नतीजा है कि सपा के एक रथ के मुकाबले भाजपा के छह रथ निकल रहे हैं। मगर हमारा एक रथ उन सभी पर भारी है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सरकारी धन खर्च करके रैलियां आयोजित कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की रैली जनता की नहीं होती बल्कि सरकारी रैली होती है और उस पर सरकारी धन खर्च किया जाता है। यहां सपा की जो रैली हो रही है उसमें विशाल संख्या में आए लोग अपने संसाधनों से पहुंचे हैं।

अखिलेश ने नौजवानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनका भविष्य सिर्फ सपा की सरकार में ही सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “हम भरोसा दिलाते हैं। चाहे वह हमारे शिक्षामित्र हों, बीएड वाले या बीपीएड वाले हों, सपा की सरकार बनने पर हम सभी की मदद करेंगे। जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी तो हमने शिक्षामित्रों को सम्मान दिया था। अगर कोई आपकी समस्या का समाधान कर सकता है तो वह समाजवादी पार्टी की सरकार ही है।

सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर अपनी कुछ खास कंपनियों को मुनाफा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल गरीबों की जेब काटकर अमीरों की तिजोरी भरने में मशगूल है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा “योगी सिर्फ नाम बदलने, रंग बदलने, शिलान्यास का शिलान्यास और उद्घाटन का उद्घाटन करने में ही उपयोगी हैं। मुख्यमंत्री लाल रंग से घबरा रहे हैं। लाल रंग क्रांति का और भावनाओं का रंग है, एक रंगी लोग इन भावनाओं को नहीं जानते। वह यह भी नहीं जानते कि हमारे आपके खून का रंग भी एक ही है।

अखिलेश ने कहा कि संगीन मुकदमों में आरोपी योगी आदित्यनाथ देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री होंगे जिन्होंने अपने ऊपर दर्ज मुकदमे खुद ही वापस ले लिए।

समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी में आयोजित इस रैली के मुख्य बैनर में अखिलेश के चाचा शिवपाल सिंह यादव की तस्वीर भी नजर आई। रैली के दौरान समाजवादी पार्टी के साथ-साथ शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

Advertisement Box
WhatsApp