
सीएफसी को अधिक उपयोगी और सुलभ बनाएं, कारीगरों को जोड़ने के लिए चलाएं अभियान: मुख्य सचिव
ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्रों की समीक्षा, एस.पी. गोयल ने लाभार्थियों से किया सीधा संवाद
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को ओडीओपी (एक जनपद, एक उत्पाद) सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) योजना के तहत संचालित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीएफसी को उद्यमियों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों के लिए अधिक उपयोगी, सुलभ और प्रभावी बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सीएफसी की उपयोगिता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय उपस्थिति के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में डोर-टू-डोर जनजागरूकता अभियान, उद्योग बंधु एवं विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशनों के माध्यम से कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सीएफसी के लिए सिटीजन चार्टर तैयार कर परियोजना स्थल और हस्तशिल्प बहुल क्षेत्रों में प्रदर्शित किया जाए। इसमें उपलब्ध सुविधाएं, यूजर चार्ज, लाभार्थियों के अधिकार और अन्य आवश्यक जानकारियां स्पष्ट रूप से अंकित हों। साथ ही अधिक से अधिक छोटे उद्यमियों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों को सदस्य बनाकर सीएफसी का यूजर बेस बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप सीएफसी में फैक्ट्री श्रमिकों के लिए अपस्किलिंग कार्यक्रम संचालित किए जाएं, ताकि दक्ष मानव संसाधन तैयार हो सके। नई सीएफसी परियोजनाओं का चयन भी कारीगर एवं हस्तशिल्प बहुल क्षेत्रों में किया जाए।
बैठक के दौरान एस.पी. गोयल ने विभिन्न जनपदों से आए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लाभार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र संचालित, 13 निर्माणाधीन तथा 11 नई परियोजनाएं स्वीकृत हैं। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, विशेष सचिव शिशिर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









