
रोबोटिक्स, एआई और डीप टेक का राष्ट्रीय हब बनेगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी
नोएडा में बनेगा देश का सबसे बड़ा रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, लखनऊ और नोएडा में स्थापित होंगे यू-हब
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के निर्देश दिए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य को नई तकनीकों का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और उच्च प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा में करीब 75 एकड़ क्षेत्र में ‘प्रगति’ (PRAGATI) परियोजना विकसित की जाएगी, जो भारत का पहला एकीकृत रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा। यहां रोबोटिक्स टेस्टिंग एवं सर्टिफिकेशन सेंटर, एआई कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, जीपीयू क्लस्टर, मोशन कैप्चर लैब, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य प्रदेश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना, एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना तथा अगले पांच वर्षों में करीब 2,000 करोड़ रुपये का सकल मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करना है।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ और नोएडा में दो यू-हब स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नोएडा यू-हब में क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन, रोबोटिक्स और रक्षा प्रौद्योगिकी पर विशेष फोकस होगा, जबकि लखनऊ यू-हब में एप्लाइड एआई, गवटेक, हेल्थ एआई, बायोसाइंस और एग्री-बायोटेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर जैसी भविष्य की तकनीकों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की नई आईटी नीति को अधिक निवेशक-अनुकूल, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाया जाए तथा आईटी उद्योग का विस्तार केवल नोएडा और गाजियाबाद तक सीमित न रहकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक किया जाए, ताकि प्रदेश वैश्विक डिजिटल निवेश का पसंदीदा केंद्र बन सके।









