
व्यापारियों की मांग पर जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था होगी स्थगित, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का आश्वासन
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की मौजूदगी में व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, गेट पास की समय-सीमा और अन्य नियमों में बदलाव की भी उठी मांग।
लखनऊ। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के सानिध्य में कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह से मुलाकात कर राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था और गेट पास की समय-सीमा सहित सात प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश की 251 मंडियों में लागू जियो वाहन टैगिंग और कम समय-सीमा वाले गेट पास नियमों से करीब 73 हजार कृषि उत्पाद के थोक व्यापारी, 25 लाख से अधिक गल्ला व किराना कारोबारी तथा करोड़ों किसान प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने इन व्यवस्थाओं को वापस लेने की मांग की।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि पहले से ऑनलाइन 6-आर, 9-आर, गेट पास और प्री-अराइवल स्लिप की व्यवस्था लागू है। ऐसे में जियो टैगिंग की नई व्यवस्था “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की भावना के विपरीत है और इससे व्यापारियों की कठिनाइयां बढ़ रही हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, माल स्थानांतरण के दौरान दोबारा टैगिंग की व्यावहारिक कठिनाइयों और दंडात्मक प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई।
प्रतिनिधिमंडल ने गेट पास की समय-सीमा को अव्यावहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने, प्रोपराइटरशिप फर्म को पार्टनरशिप में बदलने के जटिल नियमों में संशोधन, नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने, जीएसटी की तर्ज पर गारंटर व्यवस्था खत्म करने, भुना चना पर मंडी शुल्क समाप्त करने तथा मंडी दुकानों के वार्षिक पांच प्रतिशत किराया वृद्धि को समाप्त करने की मांग भी रखी।
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की उपस्थिति में कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था को स्थगित करने का आश्वासन दिया।
बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं लखनऊ महानगर अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ताजपुरिया, प्रदेश युवा कोषाध्यक्ष श्याम सिंघल, प्रदेश संयुक्त महामंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता ‘रामू’, कानपुर जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, अनुराग जायसवाल, सौरभ पांडेय, प्रखर श्रीवास्तव, गिरीश पांडेय, विवेक गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।









