
मुंबई: कीमती धातुओं के बाजार में निवेशकों के लिए खुशखबरी है। सोने की कीमत एक दिन में ₹10,705 बढ़कर ₹1.75 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गई, जबकि चांदी ने चार दिन में ₹62,283 की तेजी दर्ज की और ₹3.80 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। दोनों धातुएँ अब ऐतिहासिक उच्च स्तर पर हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। वैश्विक स्तर पर डॉलर में कमजोरी, अमेरिका में महंगाई की चिंता और ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीदें प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। इसके अलावा, निवेशक सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने और चांदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सोने की कीमत में अचानक उछाल ने आभूषण निर्माताओं और निवेशकों दोनों के लिए बाजार में हलचल पैदा कर दी है। चांदी की बढ़ती कीमतों ने औद्योगिक मांग को भी प्रभावित किया है, क्योंकि कई उद्योगों में चांदी का उपयोग बढ़ रहा है। अगर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ अनिश्चित बनी रहती हैं, तो सोने और चांदी की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। वहीं, निवेशकों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी जा रही है, क्योंकि किसी भी समय कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी में लगातार तेजी रही है। निवेशक अब सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश का विकल्प मान रहे हैं, और तेजी के चलते मांग में इजाफा हुआ है।इस तेजी ने निवेशकों को अलर्ट किया है कि कीमती धातुओं में निवेश में लाभ के साथ-साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। बावजूद इसके, सोना और चांदी अब अपने सभी समय के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की निगाहें इन धातुओं पर केंद्रित हो गई हैं।









