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PoK के लोगों ने फिर भारत से मांगा मदद, बोले- हम जम्मू-कश्मीर चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं, भारत के संविधान के तहत नामांकन करने की उम्मीद, पाकिस्तान को यहां से खदेड़े

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PoK के लोगों ने फिर भारत से मांगा मदद, बोले- हम जम्मू-कश्मीर चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं, भारत के संविधान के तहत नामांकन करने की उम्मीद, पाकिस्तान को यहां से खदेड़े

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK के लोग अपनी आजादी के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं. PoK के बाग, नीलम वैली, गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों से बात करने पर यहां की नेशनलिस्ट इक्वैलिटी पार्टी के चेयरमैन प्रो. सज्जाद रजा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीओके के लिए 24 सीटें रिजर्व हैं. जब भी वहां चुनाव हों, हम भारत के संविधान के तहत नामांकन करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि पीओके में जन्मे नागरिकों को भी भारत सहूलियतें दें. सिर्फ यही नहीं, पीओके के लोगों को लोकसभा-राज्यसभा में भी जगह दें. लंदन में लंदन में निर्वासित प्रो. रजा बात करते हुए फफक पड़े- पाकिस्तान ने बंदूक के जोर पर पीओके कब्जाया. भारत भी इन्हें बंदूक के दम पर यहां से खदेड़े, प्लीज हमें बचा लीजिए.

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प्रो. सज्जाद रजा ने कहा, रिजर्व सीटों के लिए बजट जारी होना चाहिए. हम पीओके में अस्पताल-स्कूल बनाएंगे. अगर पाकिस्तान ने विकास के इस फंड का इस्तेमाल करने से रोका तो हम पूरी दुनिया में, इस्लामिक देशों के संगठन OIC के सामने उसे बेनकाब करेंगे. भारत साथ दे, हम 5 साल में पाक को यहां से निकाल सकते हैं.

प्रोफेसर रजा ने कहा, पीओके और जीबी के मसले में पाक की कोई लीगल भूमिका है ही नहीं. भारत हमारा दोस्त है, हमने उसे मिन्नतें करके मदद के लिए बुलाया है. पीओजेके में चुनाव तो होता नहीं, सब सेना तय कर देती है. यहां का कथित प्रेसिडेंट पाक फंडिंग लेकर दुनिया में घूमकर कश्मीर को लेकर गलतबयानी करता है, जबकि यहां टेरर कैंप चलते हैं. भारत सरकार हमारा साथ दे तो हम इन्हें जिनेवा से लेकर यूएन तक सब जगह बेनकाब करेंगे.

PoK के इलाके बाग के एक्टिविस्ट अदीब मागरे ने कहा कि पीओके में वही लोग पाक परस्त हैं, जो जम्मू-कश्मीर में रह गए लोगों की जमीनों पर कब्जा करके बैठे हैं. उन्हें डर है कि यहां पाक का कब्जा नहीं रहा तो उनकी जमीनें छिन जाएंगीं. यहां के बुद्धिजीवी, डॉक्टर्स, एडवोकेट्स, एकेडिमीशियंस का बड़ा वर्ग भारत पर भरोसा करता है. हमारे जैसे लोगों पर देशद्रोह के केस लगा दिए जाते हैं।

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