
इन्वेस्ट यूपी और डीएफसीसीआईएल के बीच तीन वर्षीय रणनीतिक समझौता
DFCCIL–इन्वेस्ट यूपी MoU से यूपी में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विस्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) और इन्वेस्ट यूपी के बीच तीन वर्षीय गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता राज्य में माल ढुलाई, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार की मौजूदगी में DFCCIL की ओर से कार्यकारी निदेशक/परियोजना संदेश श्रीवास्तव और इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने MoU पर हस्ताक्षर किए।
माल ढुलाई को मिलेगा बढ़ावा
समझौते के तहत यूपी में विस्तृत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क का अधिक प्रभावी उपयोग किया जाएगा। DFCCIL औद्योगिक क्षेत्रों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय कर सड़क परिवहन से माल को अधिक दक्ष रेल नेटवर्क की ओर स्थानांतरित करने को प्रोत्साहित करेगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और फर्स्ट एवं लास्ट-माइल डिलीवरी के समय में सुधार की उम्मीद है।
वहीं, इन्वेस्ट यूपी DFCCIL से मिलने वाले लॉजिस्टिक्स लाभों को देशी और वैश्विक कंपनियों के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जिससे उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब, असेंबली यूनिट और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की स्थापना के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।
GIS मैपिंग और डेटा एकीकरण पर जोर
दोनों संस्थाएं समन्वय और संयुक्त कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेंगी। इन्वेस्ट यूपी औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022, यूपी वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 तथा गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल नीति से जुड़ी नियामकीय और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी जानकारी साझा करेगा।
औद्योगिक भूखंडों के इंडेक्स, GIS मैपिंग और आगामी औद्योगिक कॉरिडोर के मास्टर प्लान को पीएम गति शक्ति पोर्टल से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा। नियमित स्टेकहोल्डर बैठकों के माध्यम से निवेशकों की समस्याओं और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाएगा।
यह गैर-वित्तीय समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के अनुरूप यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में एकीकृत, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।








