
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बरेली मंडल में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 81 यात्री बसों का चालान, 59 बसें सीज
लखनऊ, 24 जुलाई 2026। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बरेली मंडल में बिना परमिट, परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने और नियमों के विपरीत संचालित यात्री वाहनों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। यह अभियान बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर जनपदों में संचालित किया गया।
अभियान के लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के.डी. सिंह गौर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष प्रवर्तन दल का गठन किया गया। इस दल ने 22 जुलाई की मध्यरात्रि से 24 जुलाई तक बरेली और पीलीभीत में सघन जांच अभियान चलाया। वहीं, उप परिवहन आयुक्त कमल प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में बदायूं और शाहजहांपुर में भी व्यापक कार्रवाई की गई।
संयुक्त अभियान के दौरान 81 बसों का चालान किया गया, जबकि 59 बसों को विभिन्न थानों में निरुद्ध (सीज) किया गया। जांच के दौरान वाहनों के परमिट, पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, टैक्स, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और राष्ट्रीय वाहन डाटाबेस (NR Database) सहित सभी दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। जहां भी मोटर वाहन अधिनियम, 1988, उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 या परमिट शर्तों के उल्लंघन मिले, वहां तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई।
अपर परिवहन आयुक्त के.डी. सिंह गौर ने बताया कि जांच में अधिकांश वाहन ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट या ऑल यूपी कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट के तहत संचालित पाए गए। नियमित स्टेज कैरिज संचालन, अधिकारियों की कथित मिलीभगत और राजस्व हानि जैसे आरोपों की भी अभिलेखों, स्थलीय निरीक्षण और संबंधित विभागों एवं पुलिस से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जांच की गई, लेकिन इन आरोपों के समर्थन में कोई तथ्यात्मक या दस्तावेजी साक्ष्य नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि जिन वाहनों की संरचना में अवैध बदलाव की शिकायतें मिली हैं, उनका कार्यपालक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। यदि जांच में नियमों के विरुद्ध संरचनात्मक परिवर्तन पाए जाते हैं तो संबंधित वाहनों के विरुद्ध फिटनेस, पंजीकरण, परमिट और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि यात्रियों की सुरक्षा, विधिसम्मत परिवहन व्यवस्था और सरकारी राजस्व की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि प्रदेश में सुरक्षित, पारदर्शी और नियमसम्मत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।









