
केंद्रीय वित्त मंत्री ने की उत्तर प्रदेश के ISSA मॉडल की सराहना, योगी सरकार के कौशल विकास नवाचारों को मिली प्रशंसा
नई दिल्ली/लखनऊ, 24 जुलाई 2026। नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित इंटीग्रेटेड स्कीम इन स्किलिंग आर्किटेक्चर (ISSA) की बैठक में शुक्रवार को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों ने अपने-अपने कौशल विकास मॉडल की प्रस्तुति दी।
उत्तर प्रदेश की ओर से प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग हरिओम ने योगी सरकार के एकीकृत कौशल विकास मॉडल का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। इसमें स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, उद्योगों की भागीदारी, रोजगार और उद्यमिता तक के समन्वित मॉडल की जानकारी दी गई।
प्रस्तुति में स्टेट इंटर्नशिप योजना, स्किल टेंपल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, कंस्ट्रक्शन संगम पोर्टल, करियर काउंसलिंग, अप्रेंटिसशिप विस्तार और स्कूल-इंडस्ट्री क्लस्टर जैसी अभिनव पहलों को प्रमुखता से रखा गया।
प्रस्तुति के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने उत्तर प्रदेश के समग्र और समन्वय-आधारित कौशल विकास मॉडल की सराहना करते हुए इसे विभिन्न विभागों के बेहतर तालमेल से तैयार की गई प्रभावी पहल बताया।
उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और उद्योग भ्रमण जैसी योजनाओं की प्रशंसा की और कहा कि ये पहल छात्रों को उद्योगों से जोड़ने तथा उन्हें रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने आईटीआई शिक्षा में अंग्रेजी भाषा और संचार कौशल (कम्युनिकेशन स्किल्स) को महत्व देने के सुझाव की भी सराहना करते हुए इसे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने वाला दूरदर्शी कदम बताया।
इसके साथ ही उन्होंने योगी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक उत्पाद (ODOP)’ योजना और उससे जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों की भी प्रशंसा की तथा स्थानीय उद्योगों, पारंपरिक उत्पादों और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाला सफल मॉडल बताया।









