
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के चर्चित मामले में अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मामले में आरोपी बनाए गए टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने एक निजी चैनल से एक्सक्लूसिव बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है।
पूनम यादव ने कहा कि चढ़ावे की कथित हेराफेरी में शामिल असली लोगों को बचाने के लिए उनके पति को “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है, लेकिन कार्रवाई केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित रखी जा रही है।
उन्होंने कहा, “बड़े-बड़े लोग चढ़ावा खा गए और अब मेरे पति को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। जो लोग वास्तव में जिम्मेदार हैं, उन्हें बचाया जा रहा है और मेरे पति का नाम उछाला जा रहा है।”
पूनम यादव ने यह भी कहा कि टिन्नू यादव के खिलाफ जो कुछ कहा और दिखाया जा रहा है, वह एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए और हर स्तर की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने अपने पति की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। पूनम यादव का कहना है कि इस मामले के सामने आने के बाद उनके पति की जान को खतरा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि टिन्नू यादव की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें निष्पक्ष जांच का अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होती है तो सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।
पूनम यादव के इस विस्फोटक बयान के बाद राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। पहले से ही इस प्रकरण की जांच को लेकर कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों ने जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या जांच केवल आरोपित कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या फिर उन कथित “बड़े लोगों” तक भी पहुंचेगी, जिनकी ओर पूनम यादव ने इशारा किया है। क्या जांच एजेंसियां इन दावों की पड़ताल करेंगी और आरोपों की सत्यता की जांच करेंगी? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच जारी है और प्रशासन की ओर से पूनम यादव के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी की निगाहें अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और उसकी निष्पक्षता पर टिकी हुई हैं।








