
नई दिल्ली। इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ पासवर्ड हमारी ऑनलाइन पहचान की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर सोशल मीडिया और ऑफिस अकाउंट तक हर जगह पासवर्ड जरूरी है। हालांकि कई अकाउंट्स होने के कारण लोग अक्सर ऐसे पासवर्ड बना लेते हैं जो या तो बहुत आसान होते हैं या इतने कठिन कि बाद में खुद ही याद नहीं रहते।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर पासवर्ड साइबर अपराधियों के लिए सबसे आसान निशाना होते हैं। जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, नाम या 123456 जैसे कॉमन पासवर्ड कुछ ही सेकंड में हैक किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, जटिल पासवर्ड भूल जाने पर उपयोगकर्ताओं को बार-बार पासवर्ड रीसेट करने की परेशानी झेलनी पड़ती है।
ऐसे में मजबूत और याद रखने योग्य पासवर्ड बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए किसी पसंदीदा वाक्य या यादगार घटना को आधार बनाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर किसी वाक्य के शुरुआती अक्षरों को लेकर उसमें अंक और विशेष चिन्ह जोड़कर एक मजबूत पासवर्ड तैयार किया जा सकता है। यह तरीका न केवल सुरक्षा बढ़ाता है बल्कि पासवर्ड को याद रखना भी आसान बनाता है।
सुरक्षा विशेषज्ञ चार या उससे अधिक अलग-अलग शब्दों को मिलाकर लंबा पासफ्रेज बनाने की सलाह देते हैं। लंबी पासफ्रेज साइबर हमलावरों के लिए तोड़ना अपेक्षाकृत कठिन होती हैं। इसके अलावा सामान्य शब्दों में कुछ अक्षरों की जगह अंक या विशेष चिन्ह जोड़ने से सुरक्षा का स्तर और बढ़ जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को कई पासवर्ड याद रखने में दिक्कत होती है, तो पासवर्ड मैनेजर उपयोगी साबित हो सकते हैं। ये सभी पासवर्ड को एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित रखते हैं और जरूरत पड़ने पर ऑटोफिल की सुविधा देते हैं। साथ ही, नई पासकी तकनीक भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिसमें पासवर्ड टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती। फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस लॉक के माध्यम से सुरक्षित लॉगिन किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग करके साइबर धोखाधड़ी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डिजिटल युग में ऑनलाइन सुरक्षा के लिए यह छोटी सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।








