
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, मुहर्रम और NEET परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है और ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे अपने स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे तो सरकार स्वयं कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
CM योगी ने दो टूक शब्दों में कहा, “अगर अधिकारी खुद कार्रवाई नहीं करेंगे तो मैं एक ही दिन में 100 से अधिक अधिकारियों को निलंबित कर सकता हूं।” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को प्रशासनिक अमले के लिए स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। आगामी मुहर्रम के मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, शांति समिति की बैठकों को प्रभावी बनाने और धार्मिक आयोजनों के दौरान सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान अफवाह फैलाने वालों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने को कहा। उन्होंने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी जिलों में योग दिवस के आयोजन सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हों।
इसके अलावा, NEET परीक्षा की तैयारियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परीक्षार्थियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, निष्क्रियता और लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को बेहतर प्रशासन देना है।
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख को प्रदेश में प्रशासनिक अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करने की दिशा में एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शासन स्तर से भ्रष्टाचार के मामलों में और अधिक कठोर कार्रवाई देखने को मिल सकती है।








