
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। मंगलवार को इस प्रकरण को लेकर पुलिस के पास तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे, यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला और करणी सेना की ओर से शिकायत शामिल है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की है।
इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बयान देते हुए कहा कि “भगवान की FIR बड़ी होगी, हम जो कानूनी FIR करवाते हैं उसका क्या होगा।” उनके इस बयान के बाद मामला और अधिक सियासी रूप से गरमा गया है।
मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) मंगलवार सुबह 11 बजे अयोध्या स्थित राम मंदिर पहुंची। टीम के साथ जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी मौजूद रहे। जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ जारी रखी है। इससे पहले सोमवार को टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ की थी। इसके अलावा ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को भी तलब कर सवाल-जवाब किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार SIT ने अब तक करीब 42 संदिग्ध कर्मचारियों से बंद कमरे में पूछताछ की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मंदिर परिसर में प्रवेश के समय कर्मचारियों की जांच की जाती थी, लेकिन बाहर निकलते समय उनकी तलाशी नहीं होती थी। इसी व्यवस्था को जांच के दायरे में लिया गया है।
अब तक इस मामले में पांच लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर- के नाम सामने आए हैं। इन सभी पर दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस ने इनके पास से अब तक करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की है। इनमें से दो आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह ने इसे “हिंदुत्व की हत्या” करार दिया है। वहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने दावा किया था कि चोरी की रकम 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक हो सकती है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मामला गंभीर है और इसकी जांच अदालत को करनी चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की। इसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल SIT की जांच जारी है और मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








