
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबादी को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत 14 जून को समाप्त हुए हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सर्वे के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की अनुमानित आबादी बढ़कर 2,30,78,796 तक पहुंच गई है। हालांकि, जनगणना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और फरवरी में होने वाली अंतिम जनगणना प्रक्रिया के बाद ही दिल्ली की वास्तविक और अंतिम जनसंख्या का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाएगा।
पहले चरण के सर्वेक्षण में दिल्ली के सभी 13 जिलों में कुल 75,98,982 मकानों और 54,98,560 परिवारों को शामिल किया गया। इस व्यापक अभियान के लिए पूरी दिल्ली को 45,863 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों (एचएलबी) में विभाजित किया गया था। प्रत्येक ब्लॉक में औसतन 180 मकानों को शामिल किया गया। गणनाकर्मियों ने घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई।
जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी दिल्ली सबसे अधिक आबादी वाला जिला बनकर उभरा है, जहां 28,68,949 लोगों की जनसंख्या दर्ज की गई। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिले में 25,00,195, पश्चिम जिले में 24,42,346 और दक्षिण-पूर्व जिले में 22,70,778 लोगों की आबादी दर्ज हुई। दूसरी ओर, वीवीआईपी क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले नई दिल्ली जिले की आबादी सबसे कम 2,44,929 दर्ज की गई।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए 16 मई से 14 जून तक दिल्लीभर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। जबकि नई दिल्ली जिले में यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 15 मई के बीच ही पूरी कर ली गई थी।
जनगणना अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण के ये आंकड़े राजधानी की बढ़ती आबादी, आवासीय विस्तार और बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों का संकेत देते हैं। अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद दिल्ली के विकास, शहरी नियोजन और संसाधनों के वितरण की नीतियों को नई दिशा मिल सकती है।
दिल्ली जनगणना 2027: एक नजर में
- कुल अनुमानित आबादी: 2,30,78,796
- कुल मकान: 75,98,982
- सर्वे में शामिल परिवार: 54,98,560
- कुल हाउस लिस्टिंग ब्लॉक: 45,863
- सबसे अधिक आबादी: उत्तर-पूर्व जिला (28,68,949)
- सबसे कम आबादी: नई दिल्ली जिला (2,44,929)
- अभियान अवधि: 16 मई से 14 जून 2026
- तैनात कर्मचारी: 50,000 से अधिक








