
‘डिजिटल लेबर चौक’ ऐप लॉन्च, एक मंच पर आएंगे मजदूर और नियोक्ता
10 करोड़ से अधिक श्रमिकों को मिलेगा लाभ, रोजगार के अवसर होंगे आसान
लखनऊ, 13 जून 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘डिजिटल लेबर चौक (Digital Labour Chowk-DLC)’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (12 जून) के अवसर पर इस अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म को जनता को समर्पित किया।
यह मोबाइल आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक मंच पर लाकर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने तथा श्रम बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसका विकास Uttar Pradesh Building and Other Construction Workers Welfare Board द्वारा किया गया है।
इस प्लेटफॉर्म पर कोई भी श्रमिक अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगा। श्रमिक अपनी प्रोफाइल में कौशल, व्यवसाय, कार्य अनुभव, पसंदीदा कार्यस्थल और अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोक्ता या सेवा प्रदाता भी स्वयं को पंजीकृत कर अपनी श्रम आवश्यकता, कार्य का प्रकार, कार्यस्थल और अन्य जरूरी विवरण उपलब्ध करा सकेंगे।
प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों और नियोक्ताओं का डिजिटल मिलान (मैचिंग) किया जाएगा। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जबकि नियोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित एवं उपयुक्त श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
वर्तमान में प्रदेश में ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 8.40 करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार राज्य में 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों का विशाल आधार मौजूद है, जिन्हें इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से लाभ मिलने की संभावना है।
- श्रमिक और नियोक्ता एक ही मंच पर जुड़ सकेंगे।
- कौशल आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
- श्रम बाजार में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी।
- मोबाइल के माध्यम से आसान पंजीकरण की सुविधा।
- प्रशिक्षित एवं योग्य श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- डिजिटल सुशासन और रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा।
प्रदेश सरकार का मानना है कि ‘डिजिटल लेबर चौक’ श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने और श्रम बाजार को आधुनिक एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।








