
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पार्टी प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मुंबई के वाईबी चव्हाण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने हैं, जिसके लिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन जवाहरलाल नेहरू के योगदान और उपलब्धियों की तुलना किसी अन्य नेता से करना उचित नहीं होगा।
पवार ने कहा कि नेहरू जिस समय देश के प्रधानमंत्री बने थे, वह भारत की आजादी के तुरंत बाद का दौर था। उस समय देश को विभाजन की पीड़ा, आर्थिक चुनौतियों, संस्थागत निर्माण और राष्ट्रीय एकता जैसी अनेक जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में नेहरू के सामने जो परिस्थितियां थीं, वे आज के दौर से बिल्कुल अलग थीं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अलग-अलग समय और परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया है, इसलिए उनकी सीधी तुलना करना सही नहीं माना जा सकता।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मोदी पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 2019 में दूसरी बार और 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
राजनीतिक हलकों में इस उपलब्धि को लेकर चर्चा तेज है। भारतीय जनता पार्टी इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और जनसमर्थन का प्रमाण बता रही है, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि किसी भी नेता का मूल्यांकन केवल कार्यकाल की अवधि से नहीं बल्कि उसके योगदान और ऐतिहासिक परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए। शरद पवार का बयान भी इसी बहस को नया आयाम देता नजर आ रहा है।







