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बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी समिति प्रकरण में विजिलेंस की जांच तेज, एलडीए से मांगा 8 वर्षों का रिकॉर्ड

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Written by
Rishabh Rai

लखनऊ। बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड की जमीनों, विकास शुल्क और निर्माण कार्यों से जुड़े बहुचर्चित मामले में जांच अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के निर्देश पर मामले की विवेचना कर रहे उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से वर्ष 2016 से 2024 तक का विस्तृत रिकॉर्ड तलब किया है। जांच एजेंसी ने विकास शुल्क जमा होने, मानचित्र स्वीकृति, अवैध निर्माण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं।

यह मामला थाना गाजीपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 295/2025 से संबंधित है। हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को मामले की जांच विजिलेंस को सौंपते हुए नियमित प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से विजिलेंस टीम विभिन्न बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है।

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जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू विकास शुल्क को लेकर है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि समिति ने अपने सदस्यों और भूखंड धारकों से विकास शुल्क वसूला था। अब यह जांच की जा रही है कि उक्त राशि वास्तव में एलडीए में जमा कराई गई या नहीं। विजिलेंस का मानना है कि विकास शुल्क का रिकॉर्ड पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में पूर्व में भी एलडीए से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन उपलब्ध कराई गई सूचनाओं से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं हुई। इसके बाद विजिलेंस ने विस्तृत विवरण मांगते हुए नया पत्र जारी किया है। एजेंसी ने एलडीए से संपत्तिवार और तिथिवार विकास शुल्क जमा होने का ब्योरा, स्वीकृत मानचित्रों की जानकारी, वर्ष 2016 से 2024 के बीच पारित नक्शों का रिकॉर्ड तथा बिना स्वीकृत मानचित्र के किए गए निर्माणों पर की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।

इसके अलावा जांच एजेंसी ने संबंधित अवधि में इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम, पद, वर्तमान तैनाती तथा संपर्क विवरण भी मांगा है। विजिलेंस का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

हाईकोर्ट में अगली प्रगति रिपोर्ट दाखिल की जानी है। ऐसे में एलडीए से मांगा गया रिकॉर्ड जांच की दिशा और निष्कर्ष तय करने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा सकती है, जिससे मामले के नए पहलू सामने आने की संभावना है।

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