
ग्लासगो में चल रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने वेटलिफ्टिंग में शानदार शुरुआत की है। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू के गोल्ड मेडल के बाद ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इन उपलब्धियों के साथ भारत के खाते में अब तक कुल 4 पदक हो चुके हैं।
महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस दौरान मीराबाई ने राष्ट्रमंडल खेलों के कई रिकॉर्ड भी तोड़े और भारत को इन खेलों का पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
इसके बाद पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में ऋषिकांत सिंह ने चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। मणिपुर के 28 वर्षीय वेटलिफ्टर ने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर रिकॉर्ड की बराबरी की और पहले स्थान पर बने हुए थे। हालांकि क्लीन एंड जर्क में वह 143 किलोग्राम तक ही पहुंच सके। कुल 264 किलोग्राम वजन के साथ उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
वहीं पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने अपने डेब्यू को यादगार बना दिया। उन्होंने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम समेत कुल 286 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया।
मेडल टैली में भारत फिलहाल आठवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 14 गोल्ड, 8 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज समेत कुल 33 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। इससे पहले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने देश की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।





