
नई दिल्ली
ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने के मामले में अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। उसने भारत की छह कंपनियों पर सीधे प्रतिबंध (Sanctions) लगाए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां ईरान के प्रतिबंधित तेल व्यापार में शामिल थीं और उन्होंने मिलकर 220 मिलियन डॉलर (लगभग 1830 करोड़ रुपये) के सौदे किए।
किन भारतीय कंपनियों पर लगा प्रतिबंध ?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय और ट्रेजरी विभाग ने जिन कंपनियों पर कार्रवाई की है, उनमें प्रमुख नाम हैं:
Austinship Management Pvt Ltd (मुंबई)
BSM Marine LLP (गुजरात)
Cosmos Shipping Inc.
Flux Maritime LLP
बाकी दो कंपनियों का नाम अमेरिका ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है। इन सभी कंपनियों पर आरोप है कि वे ईरान से सीधे तेल और पेट्रोकेमिकल्स खरीद रही थीं, जिसे अमेरिका ने अपने प्रतिबंधों का उल्लंघन बताया है।
अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के जरिए होने वाले तेल व्यापार को बंद करना हमारी प्राथमिकता है। ये कंपनियां उस नेटवर्क का हिस्सा थीं जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर लेन-देन कर रहा था।” ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने यह भी साफ किया कि इन कंपनियों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज़ (जब्त) कर दी जाएंगी और इनसे कोई अमेरिकी संस्था व्यापार नहीं कर सकेगी।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग और व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। भारत पहले भी ईरान से कच्चा तेल आयात करता रहा है, लेकिन 2019 के बाद यह व्यापार अमेरिकी दबाव के चलते कम कर दिया गया था। अब जबकि कुछ निजी कंपनियां कथित तौर पर इस व्यापार में लगी थीं, अमेरिका ने उन्हें निशाने पर ले लिया है।
कंपनियों की सफाई?
अभी तक इन भारतीय कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन उद्योग जगत में इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में और सतर्कता बरतनी पड़ेगी।









