
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर किया। इसके साथ ही वह अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे।
रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा के सदस्य थे, लेकिन उनका कार्यकाल 21 जून, 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। हालांकि, कार्यकाल खत्म होने के बाद भी वह करीब एक महीने तक रेल राज्य मंत्री के पद पर बने रहे। अब उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।
बिट्टू के इस्तीफे को केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से मोदी कैबिनेट में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिसमें कई मंत्रियों के साथ रवनीत सिंह बिट्टू का नाम भी चर्चा में था।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भाजपा पंजाब में अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में पार्टी रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की सक्रिय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्हें राज्य में संगठन और चुनावी अभियान में अहम भूमिका सौंपी जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।








