
कांवड़ यात्रा-2026 : अंतरराज्यीय समन्वय सबसे बड़ी कुंजी, ‘जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट’ लक्ष्य – डीजीपी राजीव कृष्ण
लखनऊ/मेरठ/मुजफ्फरनगर, 20 जुलाई। कांवड़ यात्रा-2026 एवं श्रावण शिवरात्रि को सुरक्षित, सुचारु, निर्बाध और दुर्घटनामुक्त संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की संयुक्त अध्यक्षता में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने कहा कि इस वर्ष दिल्ली-सहारनपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की गई है। सभी विभाग आपसी समन्वय, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करें ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा पूरे मेरठ जोन का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें कई राज्यों के श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बेहतर समन्वय है। बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी कांवड़ संघों, शिविर संचालकों, डीजे संचालकों और स्थानीय आयोजकों के साथ संवाद स्थापित किया जाए तथा उन्हें उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाए।
डीजीपी ने स्थानीय पुलिस, बीट स्टाफ और क्षेत्रीय अधिकारियों को कांवड़ संघों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने तथा स्थानीय व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से संवाद कायम रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संभावित विवाद का समय रहते समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष का लक्ष्य “जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट” है। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यात्रा के शुरुआती दिनों में पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील, संयमित और शालीन व्यवहार करें तथा ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं विस्तृत ब्रीफिंग दी जाए।
बैठक के बाद डीजीपी ने मेरठ स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का निरीक्षण किया तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल, साइबर मॉनिटरिंग सेल और मेरठ जोन कार्यालय में क्राइम ब्रांच भवन का उद्घाटन किया।
मुजफ्फरनगर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मेरठ से मुजफ्फरनगर पहुंचकर डीजीपी ने शिव चौक पर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, कांवड़ कंट्रोल रूम, सीसीटीवी एवं ड्रोन निगरानी, पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन की समीक्षा की।
रिजर्व पुलिस लाइन, मुजफ्फरनगर में मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली जिलों की तैयारियों की समीक्षा बैठक में डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक संभावित चुनौती के लिए पूर्व निर्धारित रिस्पॉन्स प्लान तैयार किया जाए। विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी (ATS) सहित सभी विशेष पुलिस बलों की भूमिका स्पष्ट रहे और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने बाहरी जिलों एवं अन्य राज्यों से आने वाले पुलिस बल के लिए आवास, भोजन, संचार और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राज्य सीमा पर सभी नागरिक सुविधाओं से युक्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश भी दिए।
दौरे के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस परिसर में पौधारोपण भी किया।









