
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा विधायकों के पाला बदलने को लेकर किए जा रहे दावों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने करारा पलटवार किया है। सपा प्रमुख ने राजभर को सीधे तौर पर “अफवाह मंत्री” करार देते हुए उनके बयानों को गंभीरता से न लेने की सलाह दी।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ओम प्रकाश राजभर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि विपक्षी दलों के कई विधायक सत्ता पक्ष के संपर्क में हैं और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है। राजभर के इन बयानों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी थी। इसी बीच जब मीडिया ने इस मुद्दे पर अखिलेश यादव से प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “ओपी राजभर अफवाह मंत्री हैं।”
अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इसे न सिर्फ राजभर पर व्यक्तिगत हमला माना जा रहा है, बल्कि सत्ता पक्ष की रणनीति पर भी सवाल उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सपा का मानना है कि इस तरह के दावों के जरिए विपक्षी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश में इस तरह की बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने समर्थकों को संदेश देने के लिए आक्रामक राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में अखिलेश का “अफवाह मंत्री” वाला बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन सकता है।








