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कर्नाटक में नया सियासी अध्याय: डीके शिवकुमार बने मुख्यमंत्री, 14 मंत्रियों ने ली शपथ

डीके शिवकुमार बने मुख्यमंत्री
डीके शिवकुमार बने मुख्यमंत्री
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Written by
Rishabh Rai

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब राज्य में नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार ने शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत मानी जा रही है। लंबे समय से चल रहे सियासी घटनाक्रम और अंदरूनी खींचतान के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने यह बड़ा फैसला लिया।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, नई कैबिनेट में कुल 14 मंत्रियों को शामिल किया गया, जिन्होंने एक साथ पद और गोपनीयता की शपथ ली। समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे।

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इस महत्वपूर्ण अवसर पर निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार का गुलदस्ता देकर स्वागत किया, जो कांग्रेस के भीतर सत्ता हस्तांतरण की औपचारिकता और एकजुटता का संकेत माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाईकमान के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद डीके शिवकुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

नई कैबिनेट में अनुभवी और विविध पृष्ठभूमि के नेताओं को शामिल किया गया है। के. एच. मुनियप्पा जैसे वरिष्ठ नेता, जो दलित समुदाय से आते हैं और सात बार सांसद रह चुके हैं, को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वे देवनहल्ली से विधायक हैं और पूर्व में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भी रह चुके हैं।

इसके अलावा के. जी. जॉर्ज, एम. बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्ण बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यू. टी. खेदार, ईश्वर खांद्रे, यतीन्द्र सिद्धारमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल जैसे नेताओं को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। माना जा रहा है कि यह टीम अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन बनाकर तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि यह उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है और जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आगे का रास्ता आसान नहीं है और कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन उनकी सरकार विकास और सुशासन को प्राथमिकता देगी।

शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश को बढ़ावा देने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि नई टीम राज्य में स्थिरता और विकास की गति को आगे बढ़ाएगी।

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