
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को प्रभारी मंत्रियों की सूची में बड़ा फेरबदल करते हुए कई अहम जिलों की जिम्मेदारी नए मंत्रियों को सौंप दी। इस बदलाव के तहत कुछ पुराने मंत्रियों के जिलों में भी परिवर्तन किया गया है। इसे प्रशासनिक संतुलन के साथ-साथ आगामी राजनीतिक और विकास कार्यों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
नए आदेश के अनुसार वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को राजधानी लखनऊ के साथ-साथ प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को प्रयागराज और मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा सूर्य प्रताप शाही को अयोध्या और बस्ती, मनोज पांडेय को सीतापुर, अजीत सिंह पाल को फतेहपुर और कृष्णा पासवान को कौशांबी का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। कैलाश सिंह राजपूत को एटा, सुरेंद्र दिलेर को बुलंदशहर, हंसराज विश्वकर्मा को सोनभद्र और बेबी रानी मौर्य को इटावा व हाथरस की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी क्रम में लक्ष्मी नारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद, जबकि जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है।
कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और रामपुर, अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर, राकेश सचान को रायबरेली और कन्नौज तथा नगर विकास मंत्री एके शर्मा को जौनपुर और भदोही का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
इसके अलावा भूपेंद्र चौधरी को आगरा-कासगंज, योगेंद्र उपाध्याय को कानपुर, आशीष पटेल को गोंडा, ओम प्रकाश राजभर को अंबेडकरनगर, दारा सिंह चौहान को कुशीनगर-श्रावस्ती, सुनील शर्मा को सहारनपुर, अनिल कुमार को मुरादाबाद, असीम अरुण को हरदोई और मेरठ, जेपीएस राठौर को संभल और बरेली तथा दिनेश प्रताप सिंह को बांदा और बहराइच का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
सरकार के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कार्यों को तेज करने और जिलों में विकास योजनाओं की निगरानी मजबूत करने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








