
उत्तर प्रदेश ने गन्ना किसानों के हित और चीनी उद्योग के विकास के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को किया जा चुका है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बन गया है। सरकार का दावा है कि समयबद्ध भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और चीनी उद्योग को भी नई गति मिली है।
राज्य सरकार की नीतियों का असर केवल भुगतान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्पादन और चीनी रिकवरी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गन्ना उत्पादन में पहले से अग्रणी रहने वाला यूपी अब ‘चीनी परता’ यानी शुगर रिकवरी के मामले में भी महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों से आगे निकल गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर किस्म के गन्ने, आधुनिक कृषि तकनीक और समय पर पेराई सत्र शुरू होने से यह सफलता मिली है।
सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर किसानों को एक और बड़ी राहत दी है। इस फैसले से लाखों किसान परिवारों की आय में सीधा इजाफा होगा। बढ़ी हुई कीमतों से किसानों में उत्साह है और आने वाले समय में गन्ने के रकबे में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।






