सरकारी खजाने पर भारी पड़ रही आपदा, 3 साल में खर्च हो गए 1.40 लाख करोड़ रुपये
देश में हर साल आने वाली प्राकृतिक आपदा, सरकारी खजाने पर भारी पड़ रही है. पिछले तीन वर्ष के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकारों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए 140478.16 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं. मध्यप्रदेश में केंद्र व राज्य, दोनों का आपदा खर्च मिलाकर लगभग 127112.73 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि महाराष्ट्र में 21849.96 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. पश्चिम बंगाल में 8611.54 करोड़ रुपये, राजस्थान में 9892.84 करोड़ रुपये, ओडिशा में 11743.9 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश में तीन वर्ष के दौरान 8886.9 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति के अनुसार, जमीनी स्तर पर प्रभावित लोगों को राहत के वितरण सहित, आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की होती है. राज्य सरकारें, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित मदों और मानदंडों के अनुसार, पहले से ही उनके निपटान में रखी गई राज्य आपदा मोचन निधि ‘एसडीआरएफ’ से बाढ़ सहित प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर राहत के उपाय करती हैं।







