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यूपी में डिप्टी सीएम पद की डिमांड बढ़ी:भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी ने कहा- जीतना है तो डिप्टी सीएम पद देना पड़ेगा, नहीं तो अलग लड़ेंगे

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यूपी में डिप्टी सीएम पद की डिमांड बढ़ी:भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी ने कहा- जीतना है तो डिप्टी सीएम पद देना पड़ेगा, नहीं तो अलग लड़ेंगे

संजय निषाद ने उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या से मुलाकात की।

दिल्ली से लौटने के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के तेवर काफी तल्ख नजर आ रहे हैं। निषाद पार्टी यूपी में भाजपा की सहयोगी है। बुधवार को दैनिक भास्कर से बातचीत में निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि अगर भाजपा चाहती है कि वह 2022 में फिर सत्ता में आए तो इसके लिए संजय निषाद को उप मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमें एक कैबिनेट पोस्ट और एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था। हमारी मांग है कि पार्टी अपना वादा पूरा करे।

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इतना ही नही संजय निषाद ने अपनी पार्टी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी कुछ सीटों की मांग की है। संजय निषाद कहते हैं कि भाजपा अगर निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो 2022 में उत्तर-प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार जरूर बनेगी।

भाजपा बनाए मुझे उप-मुख्यमंत्री का चेहरा

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद का कहना है कि अगर भाजपा चाहती है कि एक बार फिर वह यूपी में सत्ता में आए तो उसके लिए पार्टी को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनको डिप्टी सीएम का चेहरा बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘विधानसभा चुनाव से पहले अगर भाजपा मुझे डिप्टी सीएम का चेहरा बनाती है तो इसका बड़ा फायदा होगा और हमारी सरकार बनेगी। संजय निषाद इससे पहले दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात कर अपनी मांग रख चुके है। लंबे समय तक संजय निषाद ने अपने बेटे सांसद प्रवीण निषाद के साथ डेरा डाले रखा और गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेताओं से मुलाकात की है।

यूपी में भाजपा के लिए क्यों जरूरी है निषाद पार्टी

संजय निषाद दावा करते है कि यूपी में निषाद वंशीय 17 फीसदी हैं और वे 152 विधानसभा सीटों पर प्रभावशाली स्थिति में हैं। खासकर, गोरखपुर और आस-पास के जिलों में निषाद समाज का प्रभाव है। इसका प्रमाण भी है कि इनके बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर और संतकबीर नगर से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत भी गए।

समाजवादी पार्टी ने 2018 के उपचुनाव में प्रवीण निषाद को गोरखपुर से लोकसभा का टिकट दिया और प्रवीण निषाद भाजपा को हरा कर गोरखपुर के सांसद बन गए। इस घटना क्रम ने भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद भाजपा ने निषाद पार्टी को अपने साथ में मिला लिया और प्रवीण को संतकबीर नगर से साल 2019 में लोकसभा का टिकट दिया। प्रवीण निषाद फिलहाल संत कबीर नगर से भाजपा के सांसद है।

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