सुबोध कुमार जायसवाल बने सीबीआई के नए डायरेक्टर
नई दिल्ली. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानि CBI के अगले निदेशक के तौर पर आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल का मंगलवार को चयन कर लिया गया. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति के सदस्यों ने सोमवार को बैठक की थी. नवनियुक्त CBI निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल फिलहाल CISF के डाइरेक्टर जनरल पोस्ट पर कार्यरत हैं। सीबीआई के निदेशक पद के लिए सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी की कमेटी के द्वारा बैठक के दौरान कई नामों पर चर्चा हुई उसके बाद सुबोध कुमार जायसवाल के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गयी।
वे 1985 बैच के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी हैं. इससे पहले वह मुंबई पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र डीजीपी के पद पर रह चुके हैं. राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार से मतभेद के बाद सेंट्रल डेपुटेशन पर दिल्ली वे चले गए थे. मुंबई सीपी बनने से पहले पहले ये सेंट्रल डेपुटेशन पर थे. सुबोध जायसवाल महाराष्ट्र एटीएस के चीफ रह चुके हैं. जायसवाल RAW मे रह चुके है. वह तेलगी स्कैम केस से जुड़े जांच से भी जुड़े थे. जायसवाल ने 2006 के मुंबई सीरियल ब्लॉस्ट के जांच भी की थी।
बिहार के निवासी, महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी
सुबोध कुमार जयसवाल का जन्म 22 सितंबर 1962 हुआ था, बचपन से जायसवाल काफी तेज तर्रार थे. वह महज 23 साल की उम्र में ही आईपीएस अधिकारी बन गए थे. बेहद काबिल जायसवाल देश की खुफिया एजेंसी रॉ में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए चयन किया गया था, जिसमें उन्होंने बहुत ही बेहतर तरीके से अंजाम दिया था. रॉ के लिए इन्होंने देश के बाहर इन्होंने कई सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
हर पद पर खुद को किया साबित
सुबोध कुमार को जब प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था देखने वाली फोर्स स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG ) यानी एसपीजी में शामिल किया गया तो उन्होंने सहायक महानिरीक्षक और उप – महानिरीक्षक पद पर बहुत ही सतर्कता और साहसपूर्ण कार्यों से अपने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था. इसके साथ ही उन्होंने कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं. जायसवाल के कार्यों को देखते हुए साल 2001 में सुबोध कुमार जायसवाल को राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया था. उसके बाद भारत सरकार द्वारा उनको बाद में “असाधारण सुरक्षा प्रमाण पत्र “से इन्हें सम्मानित किया गया. सीबीआई के डिप्टी चीफ राकेश अस्थाना के साथ हुए विवाद के बाद सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा को हटा दिया गया था. इसके बाद ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई का निदेशक बनाया गया था. वो सीबीआई डायरेक्टर के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल फरवरी में पूरा कर रिटायर हो चुके हैं. फिलहाल 1988 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी प्रवीण सिन्हा सीबीआई के कार्यवाहक प्रमुख का कार्यभार संभाल रहे थे. फरवरी से खाली पड़े सीबीआई डायरेक्टर के पद पर अब IPS अधिकारी सुबोध जायसवाल का चयन हो चुका है।







