
नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया। इस रैली में विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। महारैली के जरिए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। मंच से कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखे हमले किए।
महारैली में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि चंदा चोरी करने वाले बचेंगे नहीं। परिवर्तन कभी भी आ सकता है। बीजेपी वोट चोरी करने में सबसे आगे है और हमने इनकी चोरी पकड़ ली है। उन्होंने कहा कि जनता जागी तो ये कार्रवाई कर रहे हैं। अखिलेश ने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा, ‘यूपी वाले स्वागत से बेहतर विदाई करते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि एक-एक लाठी का जवाब देश का युवा देगा।
वहीं, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें जेल जाना होगा और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि हम लोकतंत्र को मिट्टी में मिलने नहीं देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि आज के शकुनी कौन हैं और पासा कौन है?
राहुल गांधी बोले- 2024 का लोकसभा चुनाव चोरी का चुनाव था
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला मैदान में जुटी भीड़ किसी एक पार्टी या नेता की आवाज नहीं, बल्कि देश के युवाओं और किसानों की आवाज है। उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से निकाल दिए गए। उन्होंने दावा किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव चोरी का चुनाव था और दिल्ली, बंगाल तथा बिहार समेत कई राज्यों में हुए चुनावों में भी वोट चोरी की गई।
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि अगर उन्होंने वोट चोरी नहीं की होती तो अमित शाह गृह मंत्री और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते। उन्होंने कहा कि यह कोई आम चोरी नहीं है, बल्कि हिंदुस्तान और देश के प्रत्येक नागरिक की आवाज की चोरी है।
उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी का नाम लेते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की पूरी दौलत दो लोगों के हाथों में सिमटकर रह गई है।
ममता बनर्जी और खरगे ने भी केंद्र को घेरा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR को लेकर बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने SIR का मतलब बीजेपी के लिए ‘Special Intensive Relief’ बना दिया है। ममता ने कहा कि वोट चोरी के जरिए देश के लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर युवाओं की नौकरी, महिलाओं का सम्मान और चंदा चोरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमें इन्हें सत्ता से हटाना होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज देश में नरेंद्र मोदी तय कर रहे हैं कि वोट कौन डालेगा। हालात ऐसे हैं कि जनता उन्हें नहीं चुन रही, बल्कि वे वोटर चुनकर प्रधानमंत्री बने बैठे हैं। खरगे ने केंद्र के साथ महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन सरकारों को सत्ता से बाहर करना होगा। मोदी को हटाएंगे तभी लोकतंत्र बचा पाएंगे।
फारूक अब्दुल्ला बोले- इनसे मत डरिए, ये जाएंगे
INDIA ब्लॉक की महारैली में CPI(M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को असत्य का महाराजा बताते हुए कहा कि वे महिलाओं और किसानों से झूठ बोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में फासीवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। बेबी ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों से एकजुट होकर लड़ने की अपील की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने मुसलमानों को पाकिस्तानी कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुसलमान इसी वतन में रहेंगे। इस देश के लिए पहले भी खून दिया है और आगे भी देते रहेंगे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘इनसे मत डरिए, ये जाएंगे।’
नेहा बोरा ने उठाया बराबरी और वोट के अधिकार का मुद्दा
महारैली में AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने वोट के अधिकार को लोकतंत्र और बराबरी की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भारत में हर व्यक्ति का दर्जा बराबर होना चाहिए और यह बराबरी एक वोट से तय होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और गरीब मजदूरों को बार-बार लंबी कतारों में खड़ा कर उनसे नागरिकता के सबूत मांगे जाते हैं।
रामलीला मैदान की इस महारैली में विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और लोकतंत्र की रक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई तेज करने का संदेश दिया।









