
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर शनिवार को आयोजित मॉक पार्लियामेंट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 15 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता सवालों के घेरे में है और विपक्ष के लिए सभी सरकारी संस्थानों के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। राहुल ने 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर भी सवाल उठाए।
‘कितनी अजीब बात है, हमें गार्डन में बैठना पड़ रहा’
राहुल गांधी ने कहा कि यह कितनी अजीब बात है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा करने के लिए पूरे विपक्ष को बगीचे में बैठना पड़ रहा है, क्योंकि उनके लिए बाकी सभी संस्थानों के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नहीं टिक पाएंगे। अगर विपक्ष के खुलासों के बावजूद बीजेपी उन्हें पद पर बनाए रखने पर अड़ी रहती है तो इससे उनके मुताबिक सरकार की मंशा स्पष्ट हो जाएगी।
‘वोट काटने वाले देश के अपराधी हैं’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष देश के युवाओं को न्याय दिलाना चाहता है। उनके पास ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। वोट काटने वाले देश के अपराधी हैं और इसलिए वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई जरूरी है।
‘जनता और विपक्ष इसे न भूलेंगे, न माफ करेंगे’
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी भले ही चुनावों में धांधली करती रहे, लेकिन देश की जनता और विपक्ष के सदस्य इसे न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे। उन्होंने कहा कि हालात बदल रहे हैं और इस बगीचे में एक नया राजनीतिक हथियार आ गया है, जो आने वाले समय में सरकार को नुकसान पहुंचाएगा।
महाभियोग प्रस्ताव का किया समर्थन
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक ने मॉक पार्लियामेंट के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक जन महाभियोग की कार्यवाही की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रस्ताव पेश किया, जबकि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही की अध्यक्षता की। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। यह पूरी कार्यवाही प्रतीकात्मक थी, वास्तविक संसदीय महाभियोग की प्रक्रिया नहीं।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष देश के युवाओं को न्याय दिलाना चाहता है। उनके पास ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। वोट काटने वाले देश के अपराधी हैं और इसलिए वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई जरूरी है।
‘जनता और विपक्ष इसे न भूलेंगे, न माफ करेंगे’
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी भले ही चुनावों में धांधली करती रहे, लेकिन देश की जनता और विपक्ष के सदस्य इसे न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे। उन्होंने कहा कि हालात बदल रहे हैं और इस बगीचे में एक नया राजनीतिक हथियार आ गया है, जो आने वाले समय में सरकार को नुकसान पहुंचाएगा।
महाभियोग प्रस्ताव का किया समर्थन
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक ने मॉक पार्लियामेंट के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक जन महाभियोग की कार्यवाही की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रस्ताव पेश किया, जबकि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही की अध्यक्षता की। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। यह पूरी कार्यवाही प्रतीकात्मक थी, वास्तविक संसदीय महाभियोग की प्रक्रिया नहीं।








