
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। बिहार में भाजपा की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उत्तर प्रदेश में करीब 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दिया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि संगठन प्रदेश में चुनाव की तैयारियों में जुटा है और NDA में उसे सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है।
JDU के प्रवक्ता कुंवर अजय सिंह के हवाले से यह बात सामने आई है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उनके मुताबिक, पार्टी की नजर करीब 60 सीटों पर है और इन सीटों पर संगठन को सक्रिय किया जा रहा है। हालांकि, NDA में सीटों के अंतिम बंटवारे को लेकर अभी भाजपा या JDU की ओर से कोई औपचारिक समझौता घोषित नहीं किया गया है।
वाराणसी से अभियान की शुरुआत की तैयारी
JDU की उत्तर प्रदेश में गतिविधियों के बीच 25 अक्टूबर को वाराणसी में पार्टी के कार्यक्रम पर भी नजर है। पार्टी के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री और JDU के प्रमुख नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। JDU की ओर से कहा गया है कि वाराणसी में होने वाले सम्मेलन के जरिए उत्तर प्रदेश में संगठन और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
JDU के प्रदेश स्तर के नेताओं के अनुसार, पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, 25 अक्टूबर के कार्यक्रम में चुनावी रणनीति को लेकर क्या औपचारिक घोषणा होगी, इस पर अंतिम तस्वीर कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगी।
JDU की यह तैयारी ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। राज्य में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं और चुनाव में अभी समय है। ऐसे में विभिन्न दल अपने संगठनात्मक विस्तार और संभावित गठबंधन की स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
NDA में सहयोगियों की बढ़ती सक्रियता
JDU की 60 सीटों पर तैयारी की चर्चा के साथ NDA के दूसरे सहयोगी दलों की उत्तर प्रदेश में बढ़ती सक्रियता भी महत्वपूर्ण हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने भी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई में चिराग पासवान ने कहा था कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन खड़ा करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, LJP (राम विलास) ने अभी यह अंतिम रूप से स्पष्ट नहीं किया है कि वह उत्तर प्रदेश में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उसका चुनावी गठबंधन किस स्वरूप में होगा। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी उत्तर प्रदेश में NDA के साथ सीट बंटवारे के जरिए चुनाव लड़ने की संभावना पर काम कर रही है।
इससे उत्तर प्रदेश में NDA के भीतर संभावित सीट बंटवारे की तस्वीर आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण हो सकती है। JDU और LJP (राम विलास) दोनों ही बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में सीटों को लेकर उनकी मांग और संगठनात्मक विस्तार की रणनीति अलग-अलग स्तर पर सामने आ रही है।
भाजपा के सामने सीट बंटवारे की चुनौती
उत्तर प्रदेश में भाजपा पहले से ही अपने सहयोगी दलों के साथ गठबंधन की राजनीति कर रही है। ऐसे में बिहार के सहयोगी दलों की उत्तर प्रदेश में सक्रियता बढ़ने से भविष्य में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत का दायरा बढ़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि JDU को 60 सीटें मिलेंगी या LJP (राम विलास) को कितनी सीटें दी जाएंगी। सीटों का वास्तविक बंटवारा संबंधित दलों के बीच बातचीत और चुनाव के नजदीक बनने वाली राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
JDU की ओर से 60 सीटों पर तैयारी का दावा फिलहाल पार्टी की चुनावी तैयारी और संभावित मांग को दर्शाता है। इसे अंतिम सीट बंटवारे के रूप में नहीं देखा जा सकता।
यूपी में बढ़ेगी सहयोगी दलों की भूमिका?
2027 के विधानसभा चुनाव में NDA के भीतर सहयोगी दलों की भूमिका पर भी नजर रहेगी। JDU जहां करीब 60 सीटों पर अपनी तैयारी की बात कर रही है, वहीं LJP (राम विलास) ने सभी 403 सीटों पर संगठन खड़ा करने की योजना सार्वजनिक की है।
ऐसे में आने वाले महीनों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि अभी तक सीटों का कोई आधिकारिक फॉर्मूला सामने नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबला होगा। चुनाव से पहले गठबंधन, सीट बंटवारा और क्षेत्रीय दलों की रणनीति में होने वाले बदलाव प्रदेश की चुनावी राजनीति की दिशा तय करने वाले प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे।
फिलहाल JDU का 60 सीटों पर तैयारी का दावा और LJP (राम विलास) का प्रदेश की सभी 403 सीटों पर संगठन विस्तार यह संकेत देता है कि NDA के सहयोगी दल उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय हो चुके हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि चुनाव नजदीक आने पर भाजपा और उसके सहयोगी दल सीट बंटवारे को किस रूप में अंतिम रूप देते हैं।





