
नई दिल्ली। आरके पुरम के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चिंता जताते हुए प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हादसे पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पोस्ट में कहा कि आरके पुरम स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से सरकार बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद दिल्ली की विभिन्न एजेंसियों की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। इनमें डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, सीएटीएस और नागरिक सुरक्षा की टीमें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे के नीचे फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित निकालने पर है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम भी उठाए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, हादसे के आसपास मौजूद एक इमारत को सुरक्षा के मद्देनजर खाली करा लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य राहत और बचाव अभियान के दौरान किसी दूसरी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, विभाग को इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:30 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। करीब 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर (एसटीओ) नरेंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि इमारत गिर गई है और कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
इसके बाद बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त संसाधनों की मांग की गई। मौके पर एक एसडब्ल्यूटी, एक बिग फायर टेंडर (बीएफटी), एक ऑफिसर-इन-चार्ज, डीओ मुकेश वर्मा और एसटीओ मनोज को भेजा गया। दमकल और अन्य बचाव दलों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। फिलहाल मलबे में फंसे लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ ही स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से फिलहाल प्राथमिकता लोगों की जान बचाने और घटनास्थल को सुरक्षित रखने की है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ अभियान चलाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के बयान से यह संकेत मिलता है कि सरकार हादसे की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहने देना चाहती।








