
दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के साथ संवाद के बाद देश की सियासत में बयानबाजी का नया दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के SRCC दौरे को लेकर सीधे हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि यह कार्यक्रम देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था, लेकिन युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय प्रधानमंत्री का भाषण एक बार फिर राजनीतिक प्रचार में बदल गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SRCC के 100वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों के बीच करीब 48 मिनट तक अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने युवाओं से जुड़ने के लिए कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कॉलेज के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्हें युवाओं की भाषा में ‘OG’ कहा। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के पूर्व छात्र धुरंधर भले न हों, लेकिन दुनियाभर में उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। इसके बाद पीएम मोदी ने अपने 15 अगस्त के भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को दोहराया और कहा कि उन्होंने विरोधियों को होम्योपैथी की ऐसी गोली दी, जिससे वे बौखला गए।
पीएम मोदी ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो सरकार की योजनाओं और फैसलों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘नाराज फूफा’ बताया और कहा कि हर काम पर उनका सवाल होता है- ‘इसकी क्या जरूरत है?’ प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन, UPI और नई संसद का उदाहरण देते हुए कहा कि नई चीजों का विरोध करने वाले लोग देश की प्रगति को रोकना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री के इसी अंदाज पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल खड़े किए। खड़गे ने कहा कि युवाओं से संवाद का मतलब राजनीतिक भाषण देना नहीं, बल्कि उनके सवाल सुनना और उनका जवाब देना है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि ‘आउटरीच’ तभी करनी पड़ती है, जब कोई ‘आउट ऑफ रीच’ हो जाता है।
खड़गे ने प्रधानमंत्री के रिपोर्ट कार्ड पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाया, लेकिन देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है। कांग्रेस अध्यक्ष का इशारा बेरोजगारी, शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों की ओर था।
इसके साथ ही खड़गे ने हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। खड़गे ने वीडियो जारी कर कहा कि अगर प्रधानमंत्री या गृहमंत्री दलित होते और उनके साथ ऐसी घटना होती, तो क्या वे तब भी चुप रहते? इस बयान के जरिए कांग्रेस ने सामाजिक न्याय और दलित सम्मान के मुद्दे को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
वहीं चुनाव आयोग को लेकर खड़गे का हमला और भी ज्यादा तीखा रहा। कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को ‘सेव बीजेपी चेयर कमीशन’ बताते हुए आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष चुनावों के संरक्षक की भूमिका निभाने में विफल हो रहा है। खड़गे ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश अब सामने आ चुकी है।
इन तमाम बयानों से साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी के SRCC दौरे ने सिर्फ युवाओं के बीच संवाद की चर्चा नहीं बढ़ाई, बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव को भी नया मुद्दा दे दिया है।
एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाकर युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे प्रधानमंत्री के भाषण, सरकार की नीतियों और चुनाव आयोग की भूमिका पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
अब देखना होगा कि बीजेपी खड़गे के इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या यह राजनीतिक बहस आने वाले चुनावी माहौल में और ज्यादा तेज होती है।








