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आयुष अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए: मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

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Bureau Report

आयुष अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए: मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

निर्माण पूरा होते ही अस्पतालों का जल्द शुरू कराया जाए, साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं पर भी दें विशेष ध्यान

लखनऊ, 1 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने मंगलवार को सचिवालय स्थित कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष विभाग की योजनाओं, अस्पतालों के निर्माण, चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और रिक्त पदों पर भर्ती सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।

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मंत्री ने 50 बेड वाले आयुष अस्पतालों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें बिना अनावश्यक देरी के जनसेवा के लिए संचालित किया जाए, ताकि लोगों को आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सके।

अस्पतालों में साफ-सफाई पर विशेष जोर

डॉ. दयाशंकर मिश्र ने अस्पतालों में साफ-सफाई, रखरखाव और मरीजों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर स्वच्छ, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण वाला होना चाहिए।

निर्माण पूरा हो चुके अस्पताल परिसरों में उपलब्ध स्थान पर पौधरोपण कराने और परिसर को अधिक सुंदर एवं हरा-भरा बनाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

दवाओं की उपलब्धता की नियमित निगरानी

मंत्री ने आयुष अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। दवाओं की आपूर्ति, भंडारण और वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि उपचार के दौरान मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने आयुष विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर

आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए विभागीय व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार जरूरी है। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों को मजबूत करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने सभी विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा निर्माण, अस्पताल संचालन, दवा आपूर्ति सहित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की मंशा है और इसे सुनिश्चित करना विभाग के सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

बैठक में आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार, विशेष सचिव आयुष मदन सिंह गर्ब्याल, निदेशक आयुष मिशन गौरी शंकर प्रियदर्शी, निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथी डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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