
दीक्षारम्भ समारोह में विद्यार्थियों को सफलता, कौशल और संकल्प का मंत्र
“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” : मंत्री कपिल देव अग्रवाल
संस्कृति विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों ने शुरू किया उच्च शिक्षा का नया सफर
लखनऊ/मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता की शुरुआत सबसे पहले मन और सोच से होती है। “मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” केवल कहावत नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का मूल मंत्र है। यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं तो कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन में एक नए सफर की शुरुआत है। आने वाले तीन-चार वर्ष बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई चीजें सीखने, प्रयोग करने, अपनी रुचियों को पहचानने और नए कौशल विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
माता-पिता के सपनों को पूरा करने का आह्वान
मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि उनके माता-पिता ने उनके भविष्य को लेकर बड़े सपने देखे हैं और अपनी मेहनत की कमाई से उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। इसलिए विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे मेहनत, अनुशासन और संकल्प के माध्यम से अपने माता-पिता के सपनों को साकार करें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय केवल डिग्री हासिल करने का नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और नवाचार का है। विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ हर वर्ष कोई नया कौशल सीखना चाहिए। ऑनलाइन कोर्स, अप्रेंटिसशिप और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वे अपने व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत कर सकते हैं।
नौकरी के साथ उद्यमिता पर भी दें ध्यान
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि रोजगार के स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं। विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उद्यमिता और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नए विचार सामने लाने का आह्वान करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में किसी विद्यार्थी के पास कोई अच्छा आइडिया है तो वह उसे शिक्षकों के साथ साझा करे और उसे धरातल पर उतारने का प्रयास करे। एक छोटा-सा विचार भविष्य में बड़े उद्यम का रूप ले सकता है।
मंत्री ने कहा कि डिग्री अवसर का द्वार खोल सकती है, लेकिन कौशल उस अवसर को सफलता में बदलता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल और व्यावहारिक ज्ञान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
समारोह में विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सचिन गुप्ता, वाइस चांसलर डॉ. एम.बी. चेट्टी, डॉ. मीनाक्षी शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।









