
प्रदेश में 8 से 15 सितंबर तक कजरी महोत्सव, पांच जिलों में होगा आयोजन
सांस्कृतिक विविधता और लोक विरासत का होगा व्यापक संगम : जयवीर सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोक संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए 8 से 15 सितंबर 2026 तक कजरी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति विभाग की ओर से यह महोत्सव मिर्जापुर, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और मुरादाबाद में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के आयोजन में जिला प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि कजरी महोत्सव-2026 का उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। महोत्सव में कजरी गायन की प्राचीन परंपरा को आधुनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
प्रकृति और लोक जीवन का प्रतीक है कजरी
जयवीर सिंह ने कहा कि कजरी गायन उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और लोक जीवन के साथ प्रकृति के गहरे संबंध का प्रतीक है। भाद्रपद मास में चारों ओर हरियाली, रिमझिम बारिश और झूला झूलने की परंपरा कजरी के सांस्कृतिक परिवेश को और समृद्ध बनाती है। कजरी गीतों में भादो मास की प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन की विविध झलक देखने को मिलती है।
महोत्सव में लोक गायन, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति और लोकनृत्य समेत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच
पर्यटन मंत्री ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को उचित मंच उपलब्ध कराना भी है। इससे कलाकारों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें अपनी कला के माध्यम से रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जाएगा। कजरी जैसी लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का व्यापक प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही ऐसे आयोजन पर्यटन और सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देंगे।
युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने पर जोर
मंत्री ने बताया कि संबंधित जिलों में संस्कृति के क्षेत्र में काम कर रही स्थानीय संस्थाओं को भी कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कजरी का विशेष महत्व पूर्वांचल में है, लेकिन संस्कृति विभाग का उद्देश्य इसे पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि कजरी महोत्सव के माध्यम से युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति जागरूकता और लगाव पैदा करने के साथ-साथ इस प्राचीन लोक कला का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश की लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।









