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नई युवा नीति युवाओं की जरूरतों के अनुरूप बनेगी, रोजगार-कौशल पर रहेगा फोकस: सीएम योगी

योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ
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Written by
Rishabh Rai

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की नई एकीकृत युवा नीति को युवाओं की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नीति बनाने से पहले 16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की वास्तविक आवश्यकताओं का अध्ययन किया जाए, ताकि यह नीति उनके समग्र विकास में प्रभावी भूमिका निभा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नई युवा नीति में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, नेतृत्व विकास और उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एकीकृत किया जाए। उन्होंने युवाओं के विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए विशेषज्ञों का एक स्वतंत्र आयोग गठित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए।

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बैठक में मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लायमेंट ज़ोन की स्थापना का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि उद्योगों और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए इसके विस्तार को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक ले जाने की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री ने खेल गतिविधियों को युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि खेल उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी प्रभावी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रदेश में खेल अवसंरचना को और मजबूत करने तथा खेल सुविधाओं के विस्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई युवा नीति का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर, कुशल और सशक्त बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से नीति का प्रारूप तैयार कर उसे प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

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