
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने कोई गलती नहीं की है। राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्र देश के भविष्य के लिए लड़ रहे थे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनकी आवाज उठाना जरूरी है।
राहुल गांधी अपने साथ चार प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर मीडिया के सामने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट, दबाव और उत्पीड़न किया गया। राहुल ने कहा कि उन्होंने कई युवाओं से बात की, जिन्होंने बताया कि उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें देशभर के हजारों युवाओं पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने संविधान, भारत के विचार और युवाओं के भविष्य के लिए आवाज उठाई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के घरों पर दबाव बनाया गया और एक नाबालिग छात्रा से जबरन माफी मंगवाने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। राहुल ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग दोहराई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। झारखंड की छात्रा नूतन टपो ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से गन देखी और फायरिंग में उनके कान में चोट लगी। वहीं उत्तर प्रदेश की फराह नाज ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बस में बैठाकर कई घंटे तक रखा गया और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया।
फराह ने कहा कि प्रदर्शनकारी भारत माता की जय और वंदे भारत जैसे नारे लगा रहे थे, फिर भी उन्हें देशद्रोही कहा गया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग की।
महाराष्ट्र के छात्र भरत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन इसके जवाब में उनके साथ कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि कई घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़ी और यह दिन उनके लिए बेहद दुखद था।
इस दौरान मुंबई में हुए एक अन्य प्रदर्शन का जिक्र भी किया गया। रिया अहीर ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था और आरोप लगाया कि इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
राहुल गांधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद छात्र प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां इसे युवाओं की आवाज बताया है, वहीं सरकार और पुलिस की ओर से इस मामले में अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।








