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CJP फिलहाल राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, जन आंदोलन के रूप में करेगी काम

अभिजीत दीपके ने कहा
अभिजीत दीपके ने कहा
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Written by
Rishabh Rai

छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को स्पष्ट किया कि फिलहाल CJP राजनीतिक पार्टी के रूप में चुनावी राजनीति में नहीं उतरेगी। उन्होंने कहा कि देश को इस समय किसी नई राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक मजबूत जन आंदोलन और प्रभावी प्रेशर ग्रुप की जरूरत है। इसी उद्देश्य से संगठन आगे भी जनता के मुद्दों को उठाता रहेगा।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुरू हुई CJP की दो दिवसीय बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि यदि संगठन ने शुरुआत में राजनीतिक पार्टी का रूप ले लिया होता, तो जंतर-मंतर का आंदोलन इतनी व्यापक सफलता हासिल नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलों के लोग लोकतंत्र और शिक्षा जैसे मुद्दों पर एकजुट हुए, इसलिए इसे व्यापक समर्थन मिला।

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दीपके ने कहा कि बैठक में जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ E20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था और संगठन के राष्ट्रीय विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि CJP झारखंड में छात्र आंदोलन का समर्थन करेगी और वहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए सरकार से बातचीत जारी है। संगठन घायल छात्रों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी संगठन के मेंटर बने रहेंगे और समय-समय पर मार्गदर्शन देते रहेंगे।

इस बीच सौरव दास ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि कुछ यूट्यूबर और मीडिया कर्मी बिना अनुमति उनके घर के भीतर पहुंच गए और वहां की तस्वीरें तथा वीडियो प्रसारित किए। उन्होंने इसे निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इससे उनके और उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।

गौरतलब है कि CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक धरना दिया था। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए थे। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। बाद में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।

CJP की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी। संगठन का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के विरोध में अभिजीत दीपके ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से यह अभियान शुरू किया था। बाद में यह मुहिम छात्रों के बड़े आंदोलन में बदल गई और नीट-यूजी पेपर लीक समेत शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान का रूप ले लिया।

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