
ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 12 साल बाद कोई द्विपक्षीय टी-20 सीरीज अपने नाम की। इससे पहले इंग्लैंड ने 2014 में भारत को टी-20 सीरीज में हराया था।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। टीम ने महज 48 रन तक अपने तीन प्रमुख विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार नाबाद 80 रन की पारी खेली। उन्होंने 49 गेंदों का सामना करते हुए 4 चौके और 5 छक्के लगाए, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। शिवम दुबे ने 22, अभिषेक शर्मा ने 16 और वैभव सूर्यवंशी ने 15 रन का योगदान दिया। भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन ही बना सकी।
इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने दो-दो विकेट झटके, जबकि विल जैक्स और आदिल रशीद को एक-एक सफलता मिली।
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को शुरुआती झटका 13 रन के स्कोर पर लगा, जब अर्शदीप सिंह ने जोस बटलर (8) को पवेलियन भेज दिया। हालांकि इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए महज 68 गेंदों में नाबाद 146 रन की साझेदारी कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया।
हैरी ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 35 गेंदों में नाबाद 79 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे तथा उनका स्ट्राइक रेट 225.71 रहा। वहीं फिल सॉल्ट ने 42 गेंदों पर नाबाद 59 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और एक छक्का शामिल था। इंग्लैंड ने लक्ष्य 13.5 ओवर में ही हासिल कर लिया और 37 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस हार के साथ भारत ने आयरलैंड के खिलाफ पिछली टी-20 सीरीज गंवाने के बाद लगातार दूसरी टी-20 सीरीज भी खो दी। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला 11 जुलाई को साउथैम्पटन में खेला जाएगा। भारतीय टीम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, जबकि इंग्लैंड क्लीन स्वीप के लक्ष्य के साथ सीरीज का समापन करना चाहेगा।







