
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। राजधानी लखनऊ के आलमबाग स्थित ईको गार्डन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों छात्र-छात्राओं ने विशाल प्रदर्शन करते हुए सरकार और भर्ती एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सुबह से ही प्रदर्शन स्थल पर छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो दिन चढ़ने के साथ जनसैलाब में बदल गई। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्र निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद भी परीक्षाएं रद्द हो जाती हैं, जिससे अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है। छात्रों ने मांग की कि पेपर लीक के मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाया जाए।
इस आंदोलन को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक समर्थन मिला है। छात्रों की अपील पर कई प्रभावशाली सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग भी आंदोलन में शामिल हुए। सोशल मीडिया पर चर्चित ‘कॉकरोच पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके भी छात्रों का समर्थन करने के लिए लखनऊ पहुंचे। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थान एग्जामपुर के संचालक विवेक सर भी प्रदर्शन में शामिल हुए और छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
विवेक सर को लेकर भी विवाद सामने आया। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लखनऊ आते समय उन्हें टूंडला में पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। हालांकि छात्रों और समर्थकों के विरोध के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह सीधे ईको गार्डन पहुंचे। उनके अलावा कई अन्य कोचिंग शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया।
छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। ईको गार्डन और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, पीएसी और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन स्थल पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से पेपर लीक रोकने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने को लेकर ठोस एवं लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रदर्शन प्रदेश के युवाओं की बढ़ती नाराजगी और रोजगार संबंधी मुद्दों पर उनकी गंभीर चिंता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।







